Activity No. 28

G.S.T. के अध्यात्मिक अर्थ

1) G. = गोम्मटसार
S. = समयसार
T. = त्रिलोकसार

2) G. = गंधहस्ति महाभाष्य
S. = सर्वार्थसिद्धि
T. = तत्त्वार्थसूत्र

3) G. = गुरु
S. = शास्त्र
T. = तीर्थंकर (देव)

4) G. = गिरनार
S. = सिद्धक्षेत्र से
T. = [नेमिनाथ] तीर्थंकर मोक्ष गये।

5) G. = गारव रहित
S. = समता धारक
T. = तपस्वी होते है।

6) G. = गणधर रचित
S. = सिद्धांत ही
T. = तत्व है।

7) G. = गुणस्थान की
S. = श्रेणीयाँ चढ़ते हुए
T. = तीर्थंकर/केवली होते है।

8) G. = गुरु
S. = संसार से
T. = तारते है।

9) G. = गुरु उपदेश से
S. = सप्त कुव्यसन का
T. = त्याग होता है।

10) G. = ज्ञानी का
S. = सम्यग्दर्शन से
T. = तत्वार्थ श्रद्धान होता है।

11) G. = ज्ञानवान
S. = श्रद्धावान
T. = त्यागी

12) G. = गुण
S. = सहभावी होते है यह
T. = तत्वज्ञान हुआ।

13) G. = गुरु गौतम गणधर को
S. = समवशरण में संसार से
T. = तारणेवाले तीर्थंकर मिल गये।

14) G= ज्ञान
S= संयम
T= तप सहित मुनिराज होते हैं।

15) ????

आप स्वयं चिंतन करें

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